ab aashiqi ke maayne sach men badal ga.e | अब आशिक़ी के मायने सच में बदल गए

  - Aqib khan

अब आशिक़ी के मायने सच में बदल गए
देखा जो हुस्न लोग वहीं पे फिसल गए

मानें नहीं मनाने से है ऐसा शख़्स वो
हम ऐसे शख़्स जो उसे देखा बहल गए

तुमने तो बिन बताए ही रस्ता बदल दिया
अच्छा हुआ कि हम ज़रा पहले सँभल गए

हाँँ इसलिए बताना नहीं चाहता था मैं
सुनते ही उसका नाम वहाँ सब उछल गए

इक हद तलक तो ठीक था आगे हुआ है ये
ज़ाकिर ही की तरह अजी हम भी पिघल गए

  - Aqib khan

Sach Shayari

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