
तेरी आँखों में एक दरिया है उस दरिया में मुझे बहने दो
तेरे हृदय में एक कुटिया है उस कुटिया में मुझे रहने दो
फिर जाने कितने ही शाइ'र मुझ को सुन कर इतरायेंगे
मेरे गीतों में, मेरे छंदों में, मुझे तेरी ही गाथा कहने दो
— Alankrat Srivastava
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