सारे कामों को छोड़े कैसे ख़ाली बैठी है
ये पगली उस से मिलने को मतवाली बैठी है
जल्दी कहनी होगी मुझ को अपने दिल की बातें
वरना उस पर इक जादू करने वाली बैठी है
उसके आगे मुझ को कुछ पल्ले थोड़ी पड़ता है
उसके चक्कर में सबके मुँह में गाली बैठी है
मेरे डब्बे में सुंदर झुमके कितने सारे हैं
लेकिन कानों में कब से उसकी बाली बैठी है
गर वो मिल जाए उस सेे बस इतना ही कह देना
जा लड़के कब से तेरी होने वाली बैठी है
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