mere college men ik aisi ladki hai | मेरे कॉलज में इक ऐसी लड़की है

  - Shadab Asghar

मेरे कॉलज में इक ऐसी लड़की है
जो मेरे ख़्वाबों में आया करती है

उसकी आँखों में दो झीलें ठहरी हैं
और वो हँसती है तो बारिश होती है

इस आफ़त में भूख से मरना ठीक नहीं
इस सेे आगे बस मौला की मर्ज़ी है

मैं उस से बातें करने को मरता हूँ
और वो मुझ सेे उखड़ी-उखड़ी रहती है

मेरा दुख है मेरे बच्चे भूखे हैं
और मेरी थाली में एक ही रोटी है

इश्क़ अर दौलत में कांटे की टक्कर है
देखना ये है अब वो किसको चुनती है

उस लड़के से दूर रहे तो अच्छा है
बाकी तो बस आगे उसकी मर्ज़ी है

  - Shadab Asghar

Udasi Shayari

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