
जो तुम ने तारों के टूटने पर हो माँगी मन्नत तो मैं तुम्हारा
अगर सयारों की गर्दिशों ने बदल दी किस्मत तो मैं तुम्हारा
तुम्हारे हाथों में इस कहानी की इब्तिदा है और इंतहा भी
अगर इशारों में तक ये कह दो कि है मोहब्बत तो मैं तुम्हारा
— Hasan Raqim
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