बैठो न कुछ बोलो सफ़र कैसा रहामंज़िल मिली क्या रह-गुज़र कैसा रहापागल बना डाला हमें तो इश्क़ नेतुम पर मुहब्बत का असर कैसा रहा— Chandan Sharma