आया ही नहीं है इस का तो मुझे ख़याल तकरूह को बचा के रखना है मुझे ज़वाल तकझूठ बोलने पे हम से तो सवाल भी हुआउस ने क़त्ल भी किया हुआ नहीं बवाल तक— Meem Alif Shaz