अपने दिल का इजारा मैं कैसे करूँँ
उसकी बाते गवारा मैं कैसे करूँँ
सारे वादे वफ़ा सब ही मिरे लिए
इतना सारे का सारा मैं कैसे करूँँ
तेरे दिल में है देखा किसी और को
ऐसे घर में गुज़ारा मैं कैसे करूँँ
सारी महफ़िल की नज़रे हैं मेरी तरफ़
तेरी जानिब इशारा मैं कैसे करूँँ
बाद मिलने के तुम सेे मुसीबत ये हैं
तितलियों से किनारा मैं कैसे करूँँ
जो मुकद्दर में आए हैं जुगनू मेरे
सोचता हूँ सितारा मैं कैसे करूँँ
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