
बन गया है शहर तो अब गाँव इनको चाहिए
काट देते हैं शजर फिर छाँव इनको चाहिए
आँख में इज़्ज़त नहीं है लड़कियों के वास्ते
और पायल के लिए फिर पाँव इनको चाहिए
— Divya 'Kumar Sahab'
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