देर उसको लग रही है लौट आने के लिए
लग रहा है अब लहू ये मुस्कुराने के लिए
नींद आँखों से हटा कर ख़्वाब ये बैठे रहे
आँखों में तुमको रखा ख़ुद को सुलाने के लिए
शब्द तेरे सह लिए पर तेरी चुप्पी आ लगी
तेरी चुप्पी है यहाँ मुझको रुलाने के लिए
आ गई आँधी इधर जलते दिए को देख कर
बन गया आँधी दिया आँधी बुझाने के लिए
भूल जा दिल से कहा तो दिल मेरा कहने लगा
दिल से तुम कहते नहीं उसको भुलाने के लिए
बात अब होती नहीं आवाज़ देनी थी उसे
प्यार आँखों से गिरा उसको बुलाने के लिए
Read Full