घर में कुछ और इज़ाफ़ा हुआ तामीर के बाद
एक दीवार बनी थी तेरी तस्वीर के बाद
ख़्वाब लगता हूँ तो फिर देख मुझे लुत्फ़ उठा
मैं दिखाई नहीं दूँगा तुझे ता'बीर के बाद
बाद ज़ंजीर के भी मैं न रिहा हो पाया
पाँव लोहे के हुए थे मेरे ज़ंजीर के बाद
मेरी तक़दीर ने मुझको ही सिपाही रक्खा
मैं अकेला ही लड़ा ख़ुद से भी तक़दीर के बाद
जंग के बाद यहाँ अम्न भी तो आएगा
हल चलाना भी सिखाना मुझे शमशीर के बाद
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