चाहे हो आसमान पे चाहे ज़मीं पे होवहशत का रक़्स हम ही करेंगे कहीं पे होदिल पर तुम्हारे नाम की तख़्ती लगी न थीफिर भी ज़माना जान गया तुम यहीं पे हो— Nirmal Nadeem