वो शख़्स था ज़हीन तो यादों में रख लिया
आँखों को उसके मैंने तो आँखों में रख लिया
उसने मिलाया हाथ कि ऐसा लगा मुझे
हाथों को उसके मैंने तो हाथों में रख लिया
वो दिन ज़रूर आए मेरी ज़िंदगी में जब
मैं कह सकूँ कि उसको तो राहों में रख लिया
जब देखा उसको ऐसा लगा ख़्वाब में मैं हूँ
ख़्वाबों में उसको देख के ख़्वाबों में रख लिया
तस्वीर खींची साथ में मानो कि मैंने फिर
तस्वीर के अलावा इरादों में रख लिया
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