ye jo mere dil men dhadkan hai maryam hai | ये जो मेरे दिल में धड़कन है, मरयम है

  - Saahir

ये जो मेरे दिल में धड़कन है, मरयम है
जो मौसम में सावन वावन है, मरयम है

कम लोगों से कुछ यूँँ भी मिलना जुलना है
जो कुछ भी है दोस्त है दुश्मन है, मरयम है

छल वल कपट वपट से दूरी है जिसकी और
वो जो गंगा जैसी पावन है, मरयम है

किस बात की ख़ुशी रहती है मेरे घर में
मैं हूँ इक प्यारा सा आँगन है, मरयम है

बोल कौन है तेरी ख़ातिर मरयम 'साहिर'
ये जो मेरा पूरा जीवन है, मरयम है

  - Saahir

Ghar Shayari

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