ज़िंदा रक्खो मगर इस तरह से सताओ मुझेनाम लो उस का और उस की फ़ोटो दिखाओ मुझेछोड़ती है निशाँ हर अधूरी मोहब्बत कहींसो मिले हैं बदन पर ये छह सात घाव मुझे— Saahir