मेरी हालत पे लगा ध्यान मेरा दुख समझे
जो कोई दुख से हो अंजान मेरा दुख समझे
सारी दुनिया जो मेरे दुख से पशेमान है अब
अब तो लाज़िम है कि भगवान मेरा दुख समझे
मेरे दुख को वो न समझे तो कोई बात नहीं
अपने दुख को तो मेरी जान मेरा दुख समझे
है ज़माने में कोई शख़्स मेरी टक्कर का
है जो कर दे मुझे हैरान मेरा दुख समझे
मेरी सय्याद से विनती है रिहाई बख़्शे
खोल दे आज ये ज़िंदान मेरा दुख समझे
अपने हर ग़म का हर इक दर्द का रुस्वाई का
कर दिया आपने ऐलान मेरा दुख समझे
इश्क़' अपना भी तो दीवान छपेगा इक दिन
जिसका रक्खेंगे हम उनवान मेरा दुख समझे
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