जिनको हम जान से प्यारों की तरह देखते हैं
हमको वो फूल भी ख़ारों की तरह देखते हैं
रास्ता उनको दिखाना भी ज़रूरी है बहुत
हमको जो लोग सितारों की तरह देखते हैं
आपको कैसे मुहब्बत हो किसी की हासिल
आप तो सबको शिकारों की तरह देखते हैं
ऐसे बच्चे भी कहाँ जाएँ कहाँ डूब मरे
जिनको माँ बाप ख़सारों की तरह देखते हैं
ऐसा सोने सा बदन है कि उसे हसरत से
हम बरहमन भी सुनारों की तरह देखते है
रो रही है वो लिपट कर यूँँ मरे दुश्मन से
जंग हम जीत के हारों की तरह देखते हैं
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