"हमारी एक तस्वीर"

वैसे तो कुछ भी रह नहीं गया हाथ में
बस एक तस्वीर बची है हम दोनों की साथ में
वही तस्वीर जिसे देख कर उन दिनों को
उन पलों को उन रंगों को और उस ख़ुश्बू
उस वक़्त को महसूस किया जा सकता है
कैसे अपनी पूरी मुस्कुराहट को होंठों में
दबाए हुए कैमरे की तरफ़ देखते चेहरे
जो तस्वीर को अच्छा बनाने की कोशिश
में दिखाई देते हैं जिन्हें कल की कोई
ख़बर नहीं थी कि क्या होगा।
सोचें तुझे तो लगता नहीं जुदा हुए ज़माना हुआ
मगर तस्वीर देख कर वक़्त का अंदाज़ा होता है
वो तस्वीर जो उम्मीद है मेरी
वो तस्वीर जो कमाई है मेरी
वो तस्वीर जो ख़ुशी है मेरी
वो तस्वीर जो सब कुछ है मेरी
वैसे बहुत वक़्त नहीं बिता पाया मैं तेरे साथ
मगर एक तस्वीर में हम दोनों आज भी हैं साथ

— Karan Shukla

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