भीड़ में दुनिया के हर इक शख़्स तन्हा हैआशनाई के लिए बस ख़ुद का चेहरा हैकिस का दामन थाम कर तुम चलते रहते होवक़्त का क्या है भरोसा, फ़ानी लम्हा है— Yasmin Khan