
वो जिस ने शान से दौलत नहीं इज़्ज़त कमाई है
अगर वो मार दे थप्पड़ तो उस
में भी भलाई है
मैं जिस की बात करता हूँ वो तो है बाप का इक रूप
बहुत है ख़ुशनसीब इंसाँ मिला जिस को भी भाई है
— ZafarAli Memon
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