इक सफ़र में तन्हा छोड़ा जा चुका हैज़ख़्म देकर नाता तोड़ा जा चुका हैइंतिज़ार-ए-इश्क़ कर के क्या मिलेगाप्यार से जब राह छोड़ा जा चुका है— Shubham Rai 'shubh'