Your content in english script will be available on website after 24 hours of publishing your content. | जो मिलता है उसको अपना मान के कोई हल देता है

  - Darpan

जो मिलता है उसको अपना मान के कोई हल देता है
लेकिन वो पागल बस अपनी मुश्किल पर ही बल देता है

पेड़ तुझे कल देखा मैंने तूने बाग़ से छाँव चुराई
करूँँ शिकायत तेरी रब से या तू मुझको फल देता है

ये मुश्किल रस्ता है और इसपर अक्सर देखा है मैंने
सोचने वाला सोचता है और चलने वाला चल देता है

डर भी वो ही डर होता है जो डर आँखों तक आ जाए
ग़म भी वो ही ग़म होता है जो माथे पर सल देता है

दिल की ख़ातिरदारी में जो कुछ भी कर लो कम है दर्पन
जब भी ख़ुश होता है ये तो मुझको एक ग़ज़ल देता है

दर्पन

  - Darpan

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