agar jo pyaar KHataa hai to koi baat nahin | अगर जो प्यार ख़ता है तो कोई बात नहीं

  - Aks samastipuri

अगर जो प्यार ख़ता है तो कोई बात नहीं
क़ज़ा ही उस की सज़ा है तो कोई बात नहीं

तू सिर्फ़ मेरी है इस का ग़ुरूर है मुझ को
अगर ये वहम मिरा है तो कोई बात नहीं

मुआ'फ़ करने की आदत नहीं है वैसे तो
अगर ये तीर तिरा है तो कोई बात नहीं

बिना बदन के तअ'ल्लुक़ बचा नहीं सकते
यही जो रस्ता बचा है तो कोई बात नहीं

हाँ मेरे बा'द किसी और का न हो जाना
तू आज मुझ से जुदा है तो कोई बात नहीं

  - Aks samastipuri

Qaid Shayari

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