ishq main ne likh daala qaumiyat ke khaane men | इश्क़ मैं ने लिख डाला क़ौमीयत के ख़ाने में

  - Amir Ameer

इश्क़ मैं ने लिख डाला क़ौमीयत के ख़ाने में
और तेरा दिल लिखा शहरियत के ख़ाने में

मुझ को तजरबों ने ही बाप बन के पाला है
सोचता हूँ क्या लिखूँ वलदियत के ख़ाने में

मेरा साथ देती है मेरे साथ रहती है
मैं ने लिखा तन्हाई ज़ाैजियत के ख़ाने में

दोस्तों से जा कर जब मशवरा किया तो फिर
मैं ने कुछ नहीं लिखा हैसियत के ख़ाने में

इम्तिहाँ मोहब्बत का पास कर लिया मैं ने
अब यही मैं लिखूँगा अहलियत के ख़ाने में

जब से आप मेरे हैं फ़ख़्र से मैं लिखता हूँ
नाम आप का अपनी मिलकियत के ख़ाने में

  - Amir Ameer

Relationship Shayari

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