कितना मुश्किल है ये रस्ता नहीं देखा जाता
साथ चलते हुए इतना नहीं देखा जाता
दरमियाँ आती है ये कहते हुए दुनिया दोस्त
ऐ दीवाने तेरा हंसना नहीं देखा जाता
ग़म सँभाले हुए मैं ऐसी जगह हूँ जहाँ पर
हो अगर रोना तो कांधा नहीं देखा जाता
हर घड़ी कर रही नज़दीक बिछड़ने के मुझे
घड़ी मुझ सेे तेरा चलना नहीं देखा जाता
सच है इक रोज़ में दुनिया नहीं खुलती है और
रोज़ मुझ सेे ये तमाशा नहीं देखा जाता
मैं उसे रोता हुआ देखूं तो रो देता हूँ
मुझ सेे इक शख़्स का रोना नहीं देखा जाता
सबको भाते हैं मोहब्बत के ये नग़
में लेकिन
इश्क़ करता हुआ बच्चा नहीं देखा जाता
लड़कियां हँसते हुए चुभती हैं इस दुनिया को
और रोता हुआ लड़का नहीं देखा जाता
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