मिरी ग़ज़ल की तरह उस की भी हुकूमत हैतमाम मुल्क में वो सब से ख़ूब-सूरत हैबहुत दिनों से मिरे साथ थी मगर कल शाममुझे पता चला वो कितनी ख़ूब-सूरत है— Bashir Badr