तन्हा होना, गुमसुम दिखना, कुछ ना कहना... ठीक नहीं
अपने ग़म को इतना सहना, इतना सहना... ठीक नहीं
आओ दिल की मिट्टी में कुछ दिल की बातें बो दें हम
बारिश के मौसम में गमले ख़ाली रहना... ठीक नहीं
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