ज़हीफ़ी इस लिए मुझ को सुहानी लग रही हैइसे कमाने में पूरी जवानी लग रही हैनतीजा ये है कि बरसों तलाश-ए-ज़ात के बा'दवहाँ खड़ा हूँ जहाँ रेत पानी लग रही है— Khalid Sajjad