नाम उनका गैरों से यूँँ जोड़ कर के देखना
क्या भला भाता है तुझको रोज़ मर के देखना
दिल मेरे मुझको बता क्या मर्ज़ है आख़िर तुझे
आँख में चुभते हुए को आँख भर के देखना
है दु'आ तुमको मिले तुम सेा ही कोई रहगुज़र
मुझपे जो गुज़री है तुम उस सेे गुज़र के देखना
अब उन्हें अफ़सोस हो के क्या गया है हाथ से
आइने में मेरा ख़ुद को बन सँवर के देखना
मुड़ रहा है देखने को देखकर फिर मुड़ रहा
देखकर कुछ सोचना कुछ सोच कर के देखना
लाश के कानों में वो ये कह गया था कीर्ति
प्यार में जीना हो तो फिर रोज़ मर के देखना
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