
सियासत के फ़क़त परचम उठाए दोड़ते रहना
तरक्की के हमेशा रास्ते तुम छोड़ते रहना
सियासत दाँ ये घू
मेंगे बड़ी उस रेंज रोवर में
इन्हीं के हाथ हरदम पाँव तुम बस जोड़ते रहना
— Kush Pandey ' Saarang '
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