jisne dil todakar bikhera hai | जिसने दिल तोड़कर बिखेेरा है

  - Kushal "PARINDA"

जिसने दिल तोड़कर बिखेेरा है
उसकी यादों ने आ के घेरा है

छोड़ आया जिसे तेरी ख़ातिर
वो ही पुरवा तो इक बसेरा है

तेरी नज़रों में दिल-लगी होगी
मेरी नज़रों में इश्क़ तेरा है

साथ तेरे थी ज़िंदगी रौशन
तेरे बिन हर तरफ़ अँधेरा है

तेरी राहों में ही मैं हूॅं भटका
पर ठिकाना भी तू ही मेरा है

मैं परिंदा मेरे लिए पौधा
रात के बाद का सवेरा है

  - Kushal "PARINDA"

Valentine Shayari

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