हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 20
Heart Touching Ghar Shayari
लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में
Bashir Badr
20
Gift
Download Image
67 Likes
ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है
तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है
ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ
तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Read Full
Zubair Ali Tabish
19
Gift
Download Image
173 Likes
हम ने पर्चे आँसुओं से भर दिए
और तुम ने इतने कम नंबर दिए
ऊंचे नीचे घर थे बस्ती में बहुत
जलजले ने सब बराबर कर दिए
Read Full
Zubair Ali Tabish
18
Gift
Download Image
90 Likes
जिसे तुम काट आए उस शजर को ढूँढ़ता होगा
परिंदा लौट कर के अपने घर को ढूँढ़ता होगा
Bhaskar Shukla
17
Gift
Download Image
25 Likes
समझ के आग लगाना हमारे घर में तुम
हमारे घर के बराबर तुम्हारा भी घर है
Hafeez Banarasi
16
Gift
Download Image
25 Likes
वो शाख़ है न फूल, अगर तितलियाँ न हों
वो घर भी कोई घर है जहाँ बच्चियाँ न हों
Bashir Badr
15
Gift
Download Image
44 Likes
एक तरफ़ है पूरी दुनिया एक तरफ़ है मेरा घर
लेकिन तुम को बतला दूँ मैं दुनिया से है अच्छा घर
सब कमरों की दीवारों पर तस्वीरें हैं बस तेरी
मुझ से ज़ियादा तो लगता है जानेमन ये तेरा घर
Read Full
Tanoj Dadhich
14
Gift
Download Image
38 Likes
इक लड़की है जो इकदम घर जैसी है
वो बिल्कुल माँ जैसी बातें करती है
Siddharth Saaz
13
Gift
Download Image
47 Likes
तो क्या उस को मैं होंठों से बजाऊँ
तिरे दर पे जो घंटी लग गई है
चराग़ उस ने मिरे लौटा दिए हैं
अब उस के घर में बिजली लग गई है
Read Full
Fahmi Badayuni
12
Gift
Download Image
45 Likes
दफ़्तर में तय किया था कि तारे गिनेंगे आज
लेकिन हमें पहुँचते ही घर नींद आ गई
Balmohan Pandey
11
Gift
Download Image
49 Likes
भटकती फिर रही है आँख घर में
तिरी आवाज़ इस को दिख रही है
Himanshu Kiran Sharma
10
Gift
Download Image
21 Likes
नताएज जब सर-ए-महशर मिलेंगे
मोहब्बत के अलग नंबर मिलेंगे
तुम्हारी मेज़बानी के बहाने
कोई दिन हम भी अपने घर मिलेंगे
Read Full
Khurram Afaq
9
Gift
Download Image
21 Likes
एक मुद्दत से हैं सफ़र में हम
घर में रह कर भी जैसे बेघर से
Azhar Iqbal
8
Gift
Download Image
44 Likes
सारी हिम्मत टूट गई, बच्चों से ये सुन कर
अब भूखे पेट गुज़ारा करने की हिम्मत है
फूँका घर, भूखे बच्चे, टूटी उम्मीदें, अब
मुझ
में, रस्सी को फंदा करने की हिम्मत है
Read Full
Aman G Mishra
7
Gift
Download Image
28 Likes
तू है सूरज तुझे मालूम कहाँ रात का दुख
तू किसी रोज़ मेरे घर में उतर शाम के बा'द
Farhat Abbas Shah
6
Gift
Download Image
47 Likes
जाने क्या कुछ कर बैठा है
बहुत दिनों से घर बैठा है
वो मधुमास लिखे भी कैसे
शाखों पर पतझर बैठा है
Read Full
Vigyan Vrat
5
Gift
Download Image
65 Likes
लक्ष्मण-रेखा भी आख़िर क्या कर लेगी
सारे रावण घर के अंदर निकलेंगे
Pratap Somvanshi
4
Gift
Download Image
46 Likes
बाज़ार जा के ख़ुद का कभी दाम पूछना
तुम जैसे हर दुकान में सामान हैं बहुत
आवाज़ बर्तनों की घर में दबी रहे
बाहर जो सुनने वाले हैं, शैतान हैं बहुत
Read Full
Aalok Shrivastav
3
Gift
Download Image
40 Likes
सब कुछ तो है क्या ढूँडती रहती हैं निगाहें
क्या बात है मैं वक़्त पे घर क्यूँ नहीं जाता
Nida Fazli
2
Gift
Download Image
54 Likes
मैं वो चराग़ हूँ जो आँधियों में रौशन था
ख़ुद अपने घर की हवा ने बुझा दिया है मुझे
Saqi Amrohvi
1
Gift
Download Image
15 Likes
Maa Shayari
Yaad Shayari
Sukoon Shayari Collection
Zindagi Shayari Collection
Bachpan Shayari