tumhein koii pareshaani nahin to | तुम्हें कोई परेशानी नहीं तो

  - Manmauji

तुम्हें कोई परेशानी नहीं तो
हमें लग तो रहा जानी नहीं तो

चलो माना ये सुर्ख़ी नींद की है
तो फिर ये आँख में पानी नहीं तो

मिटा ख़ुद को रहा जिसके लिए तू
तेरी वो भी है दीवानी नहीं तो

उसे अहल-ए-मुसाहिब कर लिया है
मगर क्या ज़ात पहचानी नहीं तो

ग़ज़ल पर वाहवाही दी नवाज़िश
समझ में आ गए मा’नी नहीं तो

मिला क्या कुछ नहीं दुनिया में ‘मौजी’
मिले माँ-बाप के सानी नहीं तो

  - Manmauji

Wajood Shayari

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