itni pyaari hañsi tumhaari shehzaa | इतनी प्यारी हँसी तुम्हारी शहज़ादी

  - Muntazir Firozabadi

इतनी प्यारी हँसी तुम्हारी शहज़ादी
सारे घर को जगमग करती शहज़ादी

रह रह करके ख़याल तुम्हारा आया है
दिन भर गूँजी बात तुम्हारी शहज़ादी

मोटू-पतलू गट्टू-बट्टू देख के तुम
पीट रही हो कितनी ताली शहज़ादी

चुप हो जाओ चुप हो जाओ चुप हो तुम
इतना भी क्या ग़ुस्सा करती शहज़ादी

आज तुम्हारा हैप्पी बड्डे होता है
बोलो हम से क्या क्या लोगी शहज़ादी

सब्ज़ दुआएँ फूट रहीं हैं लब से मेरे
मेरी प्यारी राज दुलारी शहज़ादी

दीवाली पे मिलना तो अब होगा ही
ख़ूब करेंगे आतिश-बाज़ी शहज़ादी

इक अच्छा सा शहज़ादा भी ढूँढेंगे
अब क्या लोगी जान हमारी शहज़ादी

  - Muntazir Firozabadi

Yaad Shayari

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