
मैं शहर से तेरे निकल कर अपनी बस्ती जाउँगा
मैं जाउँगा मौजूदगी में तेरी जल्दी जाउँगा
मैं जो तुम्हारी हर अज़िय्यत सह के अब तक ज़िंदा हूँ
जिस दिन गले से तुम लगाओगी मैं मर ही जाउँगा
— Piyush Nishchal
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