मैं हाथ ज़रा सा पकडूँगा के तुम डर जाओगे
कुछ पल को मिलने आओगे फिर तुम घर जाओगे
तुम तो जैसे-तैसे भी दिल बहला लोगे अपना
पर मेरे दिल को तो पूरा ख़ाली कर जाओगे
इतना भी क्या डरते हो इस दुनिया से जानाँ तुम
ये लोग न पीछा छोड़ेंगे चाहे मर जाओगे
गुल भी होंगे काँटे भी सहरा और समुंदर भी
क्या मेरे साथ उमर भर एक सफ़र पर जाओगे?
'सर्व' नहीं दिखता है वो दूर तलक अब देखे,जो
ज़िद करता था मैं भी आऊँगा तुम गर जाओगे
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