नहीं समझो ज़रा सा इश्क़ हूँ मैं
यक़ीं मानो सरापा इश्क़ हूँ मैं
ख़ुदास मैं ख़ुदा मुझ से जुड़ा है
तो ये मतलब ख़ुदा का इश्क़ हूँ मैं
ब-वक़्त-ए-शाम अक्सर सोचता हूँ
तेरा कितना पुराना इश्क़ हूँ मैं
मेरे सुख दुख तो बस तुझ से जुड़े हैं
तुझे है नाज़ तेरा इश्क़ हूँ मैं ?
मेरी पाकीज़गी को यूँँ समझ लो
किसी पर्वत से उतरा इश्क़ हूँ मैं
मुझे ख़ुदस जुदा कैसे करेगा
तिरे दिल में समाया इश्क़ हूँ मैं
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