नहीं उड़ाऊँगा ख़ाक रोया नहीं करूँँगा
करूँँगा मैं इश्क़ पर तमाशा नहीं करूँँगा
मिरी मोहब्बत भी ख़ास है क्यूँँकि ख़ास हूँ मैं
सो आम लोगों में ज़िक्र इस का नहीं करूँँगा
उसे बताओ फ़रार का नाम तो नहीं इश्क़
जो कह रहा है मैं कार-ए-दुनिया नहीं करूँँगा
कभी न सोचा था गुफ़्तुगू भी करूँँगा घंटों
और अपनी बातों में ज़िक्र तेरा नहीं करूँँगा
इरादतन जो किया है अब तक ग़लत किया है
सो अब कोई काम बिल-इरादा नहीं करूँँगा
तुझे मैं अपना नहीं समझता इसी लिए तो
ज़माने तुझ से मैं कोई शिकवा नहीं करूँँगा
मिरी तवज्जोह फ़क़त मिरे काम पर रहेगी
मैं ख़ुद को साबित करूँँगा दावा नहीं करूँँगा
अगर मैं हारा तो मान लूँगा शिकस्त अपनी
तिरी तरह से कोई बहाना नहीं करूँँगा
अगर किसी मस्लहत में पीछे हटा हूँ 'तैमूर'
तो मत समझना कि अब मैं हमला नहीं करूँँगा
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