मत पूछिए के हम ने छुपाना है छोड़िए
हर ग़म लबों पे किस लिए लाना है छोड़िए
जब भी मैं उनके हाथ को थामूँ तो वो कहें
नाज़िर हमारा सारा ज़माना है छोड़िए
अपने ग़मों का उन से किया ज़िक्र और फिर
ये कह दिया ये महज़ फ़साना है छोड़िए
इक बात पूछनी थी ज़रा आपसे हमें
अच्छा ये फिर कभी, अभी जाना है छोड़िए
कितना इसे कहा के न बातों में आया कर
लेकिन ये दिल कहाँ कभी माना है छोड़िए
आए हैं आप देखने बर्बादियाँ मिरी
ये मिलना महज़ एक बहाना है छोड़िए
मेरी तरफ़ इशारा किया उसने और कहा
ये शख़्स तो बस एक दिवाना है छोड़िए
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