वो दर बने या राह की दीवार ख़ुश रहे
मैं बस ये चाहता हूँ मेरा यार ख़ुश रहे
ऐसा कोई नहीं कि जिसे कोई ग़म नहीं
ऐसा कोई नहीं जो लगातार ख़ुश रहे
मेहमान रह गया है ये बस चंद रोज़ का
कोशिश ये कीजिएगा कि बीमार ख़ुश रहे
— Vashu Pandey
मैं बस ये चाहता हूँ मेरा यार ख़ुश रहे
ऐसा कोई नहीं कि जिसे कोई ग़म नहीं
ऐसा कोई नहीं जो लगातार ख़ुश रहे
मेहमान रह गया है ये बस चंद रोज़ का
कोशिश ये कीजिएगा कि बीमार ख़ुश रहे
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