कौन सी बात कहाँ कैसे कही जाती हैये सलीक़ा हो तो हर बात सुनी जाती हैएक बिगड़ी हुई औलाद भला क्या जानेकैसे माँ-बाप के होंठों से हँसी जाती है— Waseem Barelvi