0
  • Search
  • Shayari
  • Writers
  • Events
  • Blog
  • Store
  • Leaderboard
  • Login
0
HomeExplore
Submit
LibraryProfile
Aditya Singh aadi

Top 10 of Aditya Singh aadi

Aditya Singh aadi

Top 10 of Aditya Singh aadi

    उम्र यूँ ही तमाम होगी क्या
    मौत के बा'द ही मिलोगी क्या

    तुम मेरा ख़्वाब ही रही अब तक
    तुम मेरा ख़्वाब ही रहोगी क्या

    आ गई हो तो चैन से बैठो
    ज़ेहन में घूमती फिरोगी क्या
    Read Full
    Aditya Singh aadi
    10
    6 Likes
    जो भी अच्छा भला आदमी है ख़ुदा
    बस उसी से तेरी दुश्मनी है ख़ुदा

    मानता हूँ तुझे क्या ये काफ़ी नहीं
    क्या तेरी बंदगी लाज़मी है ख़ुदा

    पहले जीता था मैं ज़िंदगी को मगर
    ज़िंदगी अब मुझे जी रही है ख़ुदा

    क्या सितम है कि मुझ को पता भी नहीं
    किस ख़ता की सज़ा मिल रही है ख़ुदा

    अब दुआ है वो लड़की सलामत रहे
    जिस को अम्मा मेरी कोसती है ख़ुदा

    चाहता हूँ उसे मुझ से बेहतर मिले
    और वो भी यही चाहती है ख़ुदा
    Read Full
    Aditya Singh aadi
    9
    4 Likes
    कुछ ख़राबी रही मुहब्बत की
    और कुछ ख़ुद भी हम ख़राब हुए
    Aditya Singh aadi
    8
    3 Likes
    ये मुलाक़ात आख़िरी क्यूँ हो
    शहर-ए-जानाँ से वापसी क्यूँ हो

    एक औरत को देखने के लिए
    इतना बैचैन आदमी क्यूँ हो

    जिस से ख़तरा नहीं मुहब्बत का
    ऐसी लड़की से दोस्ती क्यूँ हो

    मैं जो टोकूँ तो टोकती ही नहीं
    मैं न टोकूँ तो टोकती क्यूँ हो

    ख़ूब नोचा है ज़िंदगी ने मुझे
    इतनी आसान ख़ुद-कुशी क्यूँ हो

    हम हैं मालिक उदास चेहरों के
    आइना देख कर ख़ुशी क्यूँ हो

    तेरी चौखट पे जब अँधेरा है
    मेरे कमरे में रौशनी क्यूँ हो

    कर दिए दफ़्न पैरहन उस के
    जो नहीं साँप केंचुली क्यूँ हो

    जब सलीक़ा न हो बजाने का
    हाथ मोहन के बाँसुरी क्यूँ हो

    जब कोई काम ही नहीं मुझ से
    मेरे बारे में सोचती क्यूँ हो

    आ गए पास जब समुंदर के
    फिर किनारे से वापसी क्यूँ हो
    Read Full
    Aditya Singh aadi
    7
    7 Likes
    मुझ को मेहबूब दीजियो ऐसा
    जिस के होने पे लाख़ लानत हो
    Aditya Singh aadi
    6
    2 Likes
    ख़बर मौत की क्या ख़बर है
    कहीं इश्क़ हो तो बताओ
    Aditya Singh aadi
    5
    3 Likes
    हाल मजनूँ सा बनाओ जाओ
    दश्त में ख़ाक उड़ाओ जाओ

    मरहमों को ये इजाज़त दी है
    ज़ख़्म का हाथ बटाओ जाओ

    घर कहीं और बसा लो लेकिन
    दिल तुम्हारा ही है आओ जाओ

    अब मिरी लाश में क्या रक्खा है
    ख़ाक में ख़ाक मिलाओ जाओ

    वक़्त बर्बाद हुआ जाता है
    काम की बात बताओ जाओ

    मुझ को बर्बाद बताने वालों
    अपनी औलाद बचाओ जाओ

    खिड़कियाँ याद किया करती हैं
    घर तुम्हारा है तो आओ जाओ

    मैं कहीं और लगा लूँगा दिल
    तुम कहीं और लगाओ जाओ
    Read Full
    Aditya Singh aadi
    4
    8 Likes
    आसमानों से हमारा जब तलक नाता रहा
    हर सितारा दोस्त था हर चाँद घर आता रहा

    कैसे तुझ को मान लूँ मैं दोस्त अपना ऐ सनम
    मैं जिसे खोता रहा हूँ तू उसे पाता रहा

    ख़ुद पे गुज़रे हादसों का ज़िक्र तक छेड़ा नहीं
    जाने किस का गीत था जो उम्र भर गाता रहा
    Read Full
    Aditya Singh aadi
    3
    4 Likes
    रास आ ही गई हथकड़ी हाथ की
    तोड़ कर फेंक दी है घड़ी हाथ की
    Aditya Singh aadi
    2
    4 Likes
    चढ़ गया है नशा शे'र सुनना
    गर कहा है सुना शे'र सुनना

    आज मुझ को रुलाया है उस ने
    आप कल का मिरा शे'र सुनना

    गालियाँ दे रही थी मुझे वो
    मैं ने हँस कर कहा शे'र सुनना

    मैं अभी तक तुम्हें चीख़ता हूँ
    सुन सको गर सदा शे'र सुनना

    जा रहा हूँ कभी फिर मिलेंगे
    दोस्तों अलविदा शे'र सुनना
    Read Full
    Aditya Singh aadi
    1
    3 Likes
Kanz Al RidaKanz Al RidaAsad AkbarabadiAsad AkbarabadiHarsh Kumar BhatnagarHarsh Kumar BhatnagarPushpendra MishraPushpendra MishraUmesh MauryaUmesh MauryaNishant SinghNishant Singhshampa andaliibshampa andaliibMaher painter 'Musavvir'Maher painter 'Musavvir'Ashutosh Kumar "Baagi"Ashutosh Kumar "Baagi"Jonty nainJonty nain