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Top 10 of
Kunu
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Kunu
हम-सुख़न
नीमजाँ
हुआ शायद
इक
गदाई
समाँ बना शायद
अब नहीं
जज़्ब
भा रहा कोई
ना-रसा
रह गया अदा शायद
कुछ कभी बच गया
गुरेज़ाँ
से
बस वही आज भी सज़ा शायद
राज़
थे जो
गुदाज़
पर्चा में
सब मिरे बा'द ही जला शायद
जाम कह कर पिला दिया क्या ये
बेमज़ा है नया नशा शायद
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Kunu
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नाज़
है यूँ अजीब कहलाऊॅं
यार अपना
रक़ीब
कहलाऊॅं
थूक दूँ कुछ यहाँ वहाँ
वहशत
और मैं भी
अदीब
कहलाऊॅं
बारहा रास्त लिख रहा जो यूँ
इल्तिजा
है
सलीब
कहलाऊॅं
शुक्रिया मत कहो मुझे साहिब
आरज़ू
है
तबीब
कहलाऊॅं
लिख रहा नज्म़
रूह
पे
कामिल
ख़्वाब है इक नजीब कहलाऊँ
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Kunu
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नाज़
है यूँ अजीब कहलाऊॅं
यार अपना
रक़ीब
कहलाऊॅं
थूक दूँ कुछ यहाँ वहाँ
वहशत
और मैं भी
अदीब
कहलाऊॅं
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Kunu
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ऐश है
औज
है
महफ़िल
अब
बिक रहा रास्त यहाँ सर सर में
Kunu
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नारसा मर्द
फ़ज़ा
तक
क़ाबिल
बारहा रात कटा पत्थर में
Kunu
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गुफ़्तगू और नहीं वहमन से
सब
वफ़ा
पीर
दवा परवर में
Kunu
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सब
जुनूँ
बूद
सक़ाफ़त
तक ही
कुछ नहीं
नाज़
वफ़ा
वहशत
में
Kunu
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कहाँ हम
सुखन
का
क़मर
जानते हैं
मगर इस
इरम
का असर जानते हैं
हुआ इक कहानी तमाशा
क़ज़ा
जब
ख़फ़ा सब
गुलिस्ताँ
ख़बर जानते हैं
जहाँ भी अदा बारहा
इल्तिजा
तो
वफ़ा
से अमाँ की नजर जानते हैं
नहीं है
जुनूँ
दरमियाँ
हम-ज़बाँ
जब
बयाबाँ
बयाबाँ
बसर
जानते हैं
हुआ है मुक़र्रर
रवानी
कुनू सब
भला अब इसी में
जिगर
जानते हैं
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Kunu
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कहाँ हम
सुखन
का
क़मर
जानते हैं
मगर इस
इरम
का असर जानते हैं
हुआ इक कहानी तमाशा
क़ज़ा
जब
ख़फ़ा सब
गुलिस्ताँ
ख़बर जानते हैं
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Kunu
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यार इक दुआ यूँ
बहाल
हो
राह में उसे भी
मलाल
हो
वो करे दवा शहर शहर में
और
नाज़
उस का
जमाल
हो
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Kunu
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ALI ZUHRI
Sanjay shajar
Ragini Preet
Vishal Singh Tabish
Shubhangi Bharti
Beybaar
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Aatish Indori