किसी ने सच ही कहा है कि हादसा होगा
भरोसा जिस पे है मुझको वो बे-वफ़ा होगा
तुम्हें ही सोच के लाखों मैं शे'र कहता हूँ
तुम्हें न सोचूँ तो फिर मेरा हाल क्या होगा
मिरी जगह पे रक़ीबों से प्यार मत करना
नहीं तो यार यहाँ सिर्फ़ मसअला होगा
अगर यूँँ लौट भी आओगे इश्क़ में फिर से
क़ुबूल करने में तुमको न कुछ बुरा होगा
जफ़ा भी साथ मिरे किसने पहले की 'दानिश'
ज़रूर रब की अदालत में फ़ैसला होगा
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