0
  • Search
  • Shayari
  • Writers
  • Events
  • Blog
  • Store
  • Leaderboard
  • Login
0
HomeExplore
Submit
LibraryProfile
SAAGAR SINGH RAJPUT

Top 10 of SAAGAR SINGH RAJPUT

SAAGAR SINGH RAJPUT

Top 10 of SAAGAR SINGH RAJPUT

    दुआएँ कौन माँगेगा मिरी बिगड़ी तबीअत पर
    मिरा माशूक़ मुझ से आजकल नाराज़ रहता है
    SAAGAR SINGH RAJPUT
    10
    3 Likes
    जिस दिन मिलेगी तेरी दाद मुझ को
    उस दिन मैं जाँ ख़ुद को शाइ'र कहूँगा
    SAAGAR SINGH RAJPUT
    9
    1 Like
    मुझ से भी अच्छी मिल जाएगी तुम को
    रोई है वो लड़की ये कह कर मुझ से
    SAAGAR SINGH RAJPUT
    8
    1 Like
    सहता रहा हमेशा हर ग़म ख़ुशी ख़ुशी
    मुझ को मिरे पिता सा कोई मिला नहीं

    हर दर्द बिन शिकायत माँ सह गई मिरी
    लेकिन कभी किसी से कुछ भी कहा नहीं
    Read Full
    SAAGAR SINGH RAJPUT
    7
    3 Likes
    वो बे-वफ़ा थी वो बे-वफ़ा है
    सब से बड़ी ये उस की ख़ता है

    दिल तोड़ कर वो ख़ुश है रहे ख़ुश
    मेरी तरफ़ से उस को दुआ है

    धोखा उसे भी दे जाए कोई
    उस के लिए मेरी बद-दुआ है

    उस का नहीं हो कोई जहाँ में
    उस के लिए बस ये ही सज़ा है

    हालात मेरे अच्छे नहीं हैं
    ये दुश्मनों को कैसे पता है

    उस को दिया है सम्मान मैं ने
    सम्मान जिस से मुझ को मिला है

    जो बा-वफ़ा है आशिक़ जहाँ में
    हर बे-वफ़ा उस से ही ख़फ़ा है

    सब लोग समझो आए समझ तो
    मिल कर रहो इस
    में ही भला है

    मेरा नहीं है कोई जहाँ में
    शायद वफ़ा की ये ही सज़ा है

    मेरा नमन वो स्वीकार कर लें
    जिन के दिलों में सच में दया है

    है पूजने के क़ाबिल वही दिल
    मेरे बराबर जो दिल जला है

    कोई दिवाना है क्यूँ दिवाना
    कोई दिवाने से पूछता है

    मैं हूँ सिटी में पर गाँव मेरा
    अब रात दिन रस्ता देखता है

    मिल कर रहो सब वरना जहाँ में
    है कौन कब तक किस को पता है

    'सागर' तिरा बस तेरा रहेगा
    'सागर' तिरा बस तुझ को मिला है
    Read Full
    SAAGAR SINGH RAJPUT
    6
    1 Like
    दिल तुम्हारे नाम पे क़ुर्बान है लड़की
    तुम बनो मेरी मिरा अरमान है लड़की

    सच कहूँ मुझ को मिलेगी बस तिरी उल्फ़त
    इस जहाँ में गर कहीं भगवान है लड़की
    इश्क़ में दस्तार रख दूँ मैं तिरे पा में
    इस क़दर तेरे लिए सम्मान है लड़की

    ये तुझे शायद नहीं मालूम है पर सुन
    मैं तिरा हूँ ये मिरी पहचान है लड़की

    सुन सिवा मेरे तिरा दिल ग़ैर का है गर
    तो बहुत इस
    में तिरा नुक़सान है लड़की

    मारना है जान से मुझ को मिरी जाँ तो
    बस तिरी सच में बहुत मुस्कान है लड़की

    आज तुझ से एक सच्ची बात कहता हूँ
    मैं तिरा आशिक़ मिरी तू जान है लड़की

    अब सिवा तेरे मिरा कोई नहीं होगा
    ये सभी के सामने एलान है लड़की

    प्यार तू ने कर लिया गर ग़ैर से तो सुन
    ये वफ़ाओं का मिरी अपमान है लड़की

    तू मिरी है बस मिरी ये देख कर दुनिया
    आज कल सच में बहुत हैरान है लड़की

    मैं सिवा तेरे किसी को भी नहीं चाहूँ
    इश्क़ का मेरे लिए फ़रमान है लड़की

    आज 'सागर' को मिला है प्यार तेरा तो
    आज से 'सागर' तिरा धनवान है लड़की

    मैं समर्पित कर रहा हूँ ये ग़ज़ल तुझ को
    सच कहूँ ये इस ग़ज़ल का मान है लड़की

    आज भी डरता हूँ मैं इज़हार करने से
    आज भी 'सागर' तेरा नादान है लड़की
    Read Full
    SAAGAR SINGH RAJPUT
    5
    1 Like
    कल तक जिन को सब दिखता था
    वो सब शायद अब अंधे हैं
    SAAGAR SINGH RAJPUT
    4
    1 Like
    हार नहीं अच्छी लगती
    जीत जिसे भा जाती है
    SAAGAR SINGH RAJPUT
    3
    1 Like
    जिस बंसी से निकली थी उल्फ़त वाली धुन
    वो दौर-ए-दुनिया में बे-हद आवश्यक है
    SAAGAR SINGH RAJPUT
    2
    1 Like
    चाँद जैसे नूर सी
    बस ज़रा मग़रूर सी

    आज मैं ने देख ली
    एक लड़की हूर सी
    Read Full
    SAAGAR SINGH RAJPUT
    1
    1 Like
SHABAN NAZIRSHABAN NAZIRShubham SethShubham SethPiyush NishchalPiyush NishchalViru Panwar ViyogiViru Panwar ViyogiAmaan AliAmaan AliBeybaarBeybaarDeepak PathakDeepak PathakArbab ShazArbab ShazHarshwardhan AurangabadiHarshwardhan AurangabadiAniket sagarAniket sagar