tu uskaa pahle se tha ghalti meri thii | तू उसका पहले से था ग़लती मेरी थी

  - 100rav

तू उसका पहले से था ग़लती मेरी थी
ख़ुदास फिर भी माँगा ग़लती मेरी थी

तेरी शादी का हाँ तूने बताया था
ख़बर थी फिर भी चाहा ग़लती मेरी थी

बदल जाती है क़िस्मत एक पल में भी
था मैंने ऐसा सोचा ग़लती मेरी थी

तू सब सेे प्यार से ही बात करती है
हाँ मैंने प्यार समझा ग़लती मेरी थी

तू किसके साथ भी घू
में मुझे क्या पर
मैं हो जाता था ग़ुस्सा ग़लती मेरी थी

सदा ख़ुश रखना दोनों को मेरा क्या है
पता सब है न कान्हा ग़लती मेरी थी

तेरे जाते ही मिलने मौत आए काश
तू अर्थी पे न रोना ग़लती मेरी थी

  - 100rav

Khudkushi Shayari

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